
( महीनों बाद भी कार्रवाई शून्य, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल)
(कोरिया)ग्राम पंचायत सोनहत में साप्ताहिक बाजार सुविधा शुल्क के नाम पर दुकानदारों से की जा रही कथित अवैध वसूली का मामला अब ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। महीनों पहले स्थानीय व्यापारियों एवं ग्राम पंचायत के 15 पंचों और ग्रामीणों द्वारा की गई विस्तृत शिकायत और उसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक न तो अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। प्रशासन की यह निष्क्रियता ग्राम पंचायत के कथित भ्रष्ट आचरण को मौन स्वीकृति देने के रूप में देखी जा रही है।
*क्या है मामला*
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सोनहत द्वारा साप्ताहिक बाजार में दुकान लगाने वाले छोटे-बड़े व्यापारियों से “सुविधा शुल्क” के नाम पर मनमाना और नियमों के विरुद्ध शुल्क वसूला जा रहा था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वसूली ग्राम पंचायत के कुछ पंच
*जांच हुई शुरू, फिर थम गई*
पंच एवं ग्रामवासियों की शिकायतें मिलने के बाद, एवं जिला पंचायत के सामान्य सभा में भी मामला उठा उच्चाधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं जनपद पंचायत स्तर पर अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा था। प्रारंभिक तौर पर कुछ दस्तावेज खंगालने और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी, जिससे व्यापारियों में कार्रवाई की उम्मीद जगी थी।
बीते महीने यह जांच पूरी तरह से रुक गई है। न तो जांच अधिकारी ने कोई अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की है और न ही अवैध वसूली को रोकने के लिए कोई निर्देश जारी किया गया है।
*कार्रवाई न होने पर आक्रोश*:
साप्ताहिक बाजार के छोटे दुकानदारों और पंचों का कहना है कि प्रशासन की इस ढीली-ढाली कार्यप्रणाली के कारण ग्राम पंचायत के हौसले बुलंद होंगे उनका आरोप है कि यदि वसूली अवैध है, तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
पंचों ने यह भी कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष और निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे न्यायालय की शरण भी लेंगे ।












